Thursday, 19 July 2018, 3:50 AM

प्रेरक बातें

देखें कि आपके पैरों की नीचे जमीन तो है - ओशो

Updated on 2 July, 2018, 12:45
ओशो मनुष्य का सबसे बड़ा सौभाग्य और दुर्भाग्य एक ही बात में है और वह यह कि मनुष्य को जन्म के साथ कोई सुनिश्चित स्वभाव नहीं मिला। मनुष्य को छोड़ कर इस पृथ्वी पर सारे पशु, सारे पक्षी, सारे पौधे एक निश्चित स्वभाव को लेकर पैदा होते हैं। लेकिन मनुष्य बिलकुल... आगे पढ़े

इस तरह जानें, ईश्वर की दी हुई जिंदगी को आपने कितना बदल दिया

Updated on 30 June, 2018, 9:00
ओशो सिद्धार्थ औलिया सहजयोग का अर्थ है प्राकृतिक, स्वाभाविक- जो सबके लिए सहज हो। सुनने में लगता है कि बड़ा आसान है, लेकिन यह सबसे कठिन है। सहज का अर्थ है- हम वास्तव में जो हैं, वही बाहर भी दिखें। लेकिन हर मनुष्य जो है, उससे विपरीत दिखने की चेष्टा करता... आगे पढ़े

गुरु दे गए धोखा, ऐसे जानें असली गुरु को

Updated on 24 June, 2018, 9:00
ओशो/अाध्यात्मिक गुरु अपना पता नहीं है, स्वर्ग के नक्शे बना दिए हैं! विवाद चल रहे हैं लोगों के—कितने नर्क होते हैं? हिंदू कहते हैं, तीन। जैन कहते हैं, सात। बुद्ध ने बड़ी मजाक की है, उन्होंने कहा सात सौ। यह मजाक की है, क्योंकि बुद्ध को जरा भी उत्सुकता नहीं है... आगे पढ़े

किसान और लोमड़ी की इस कहानी से समझें जीवन को जीने का सलीका

Updated on 11 May, 2018, 9:00
प्रेरक कथा - एक किसान एक बार जंगल में लकडि़यां बटोरने के लिए गया। वहां उसे ऐसी लोमड़ी नज़र आई जिसके दो पैर नहीं थे। बावजूद वह संतुष्टिपूर्वक चल रही थी। किसान ने सोचा कि आखिर यह कैसे जीवन जी पाती होगी क्‍योंकि बिना पैर के शिकार भी नहीं कर पाती... आगे पढ़े

आप चाहकर भी किसी पर क्रोध नहीं कर पाएंगे, यह है 'ओशो' मंत्र

Updated on 20 April, 2018, 9:00
 ओशो क्रोध को भी दूसरे पर निकालने की जरूरत नहीं है। क्रोध को भी ध्यान में निकाला जा सकता है। दुख को भी दूसरे पर निकालने की जरूरत नहीं है। दुख को भी ध्यान में निकाला जा सकता है। अकेले ही निकाला जा सकता है। क्रोध मेरा है तो दूसरे की... आगे पढ़े

इसलिए है गुरु का महत्व सर्वोपरि

Updated on 25 February, 2018, 7:40
एक बार एक राजा को साधना करने की सूझी। उसने अपने मंत्री को बुलाया और पूछा, ‘‘मैं अमुक मंत्र की साधना करना चाहता हूं। आप बताएं मैं क्या करूं?’’  मंत्री ने जवाब दिया, ‘‘महाराज, आप अपने गुरु के पास जाएं और उनके बताए अनुसार ही कार्य करें।’’  पर राजा जिद्दी था और... आगे पढ़े

जीवन की चुनौतियां का डटकर करें मुकाबला, निश्चित मिलेगी सफलता

Updated on 23 February, 2018, 10:15
जीवन एक संघर्ष है, चुनौतियां तो आएंगी। इनसे सहम कर जो हिम्मत हार जाते हैं, सफलता उनसे दूर भाग जाती है। जब समय विपरीत होता है तो मजबूत दिल के लोग और जोश से आगे बढ़ते हैं। मुश्किलें ही अंतत: समाप्त होती हैं, साहसी व्यक्ति का साहस नहीं। किसी पक्षी... आगे पढ़े

आपका ये छोटा सा जज्बा कइयों के कर सकता है दुख दर्द दूर

Updated on 20 February, 2018, 7:20
समूचे भारतीय उपमहाद्वीप और उसके आसपास के इलाकों में सदियों से संगीत की रागों और उनकी धुनों की मार्फत अपने ईश्वर की इबादत करने की बेमिसाल परंपरा रही है। यहां की आबोहवा में हर देश-काल के दरमियान राग, रूह और रब का रिश्ता मन को उस असल मस्ती की बौछारों... आगे पढ़े

माया के जाल से स्वयं को बाहर निकालें

Updated on 17 February, 2018, 7:00
इस शरीर का होना हमें माया की वजह से ही दिख रहा है क्योंकि शरीर का अपना अस्तित्व नहीं होता। हमारा शरीर पांच तत्वों के मेल से बना है-आग, हवा, पानी, मिट्टी और आकाश। इन सभी में से थोड़ा-थोड़ा अंश लेकर हमारे शरीर का निर्माण हुआ है। प्रत्येक शरीर में... आगे पढ़े

जब आपको कोई बुरा-भला कहे तो यही है जवाब देने का एकमात्र रास्त्रा

Updated on 16 February, 2018, 7:20
जापान में एक शहर है ओसाका। शहर के निकट एक गांव में एक विद्वान संत रहते थे। एक दिन संत अपने एक अनुयायी के साथ सुबह की सैर कर रहे थे। अचानक एक व्यक्ति उनके निकट आया और उन्हें भला-बुरा कहने लगा। संत मुस्कराकर चल दिए। संत पर कोई असर... आगे पढ़े

जानिए शरीर में चक्रों का महत्व – सद्गुरु जग्गी वासुदेव

Updated on 15 February, 2018, 8:40
योग विज्ञान के अनुसार मनुष्य के शरीर में कुल मिलाकर 114 चक्र हैं। आइए समझें कि आखिर ये चक्र हैं क्या? वैसे तो शरीर में इससे कहीं ज्यादा चक्र हैं, लेकिन ये 114 चक्र मुख्य हैं। इनमें से 112 शरीर के अंदर हैं और दो शरीर के बाहर। आप इन्हें... आगे पढ़े

विदुर नीति: ये 4 कारण उड़ा देते हैं नींद

Updated on 19 January, 2018, 6:45
विदुर एक दासी के पुत्र थे, लेकिन उन्होंने अपनी नीतियों के बल पर इतिहास में श्रेष्ठ स्थान हासिल किया है। महामंत्री विदुर ने विदुर नीति नामक एक ग्रंथ की रचना भी की है। इस ग्रंथ में दी गई नीतियां आज भी हमारे लिए बहुत उपयोगी हैं। विदुर को यमराज का... आगे पढ़े

अंतर्मन से करें आत्मिक स्वरूप का अनुभव, मिलेगीं अपार खुशियां

Updated on 9 January, 2018, 7:40
लोग अलग-अलग तरीकों से खुशियां ढूंढने की कोशिश करते हैं। कुछ इसे धन-दौलत और दुनियावी चीजों में ढूंढते हैं तो कुछ इसे यश और प्रसिद्धि में पाना चाहते हैं। अधिकतर लोग अपनी इच्छाओं की पूर्ति के द्वारा ही खुशियां प्राप्त करने का प्रयास करते हैं। हमारा जीवन ऐसे ही गुजरता... आगे पढ़े

भगवान बहुत देता है, लेकिन हम झोली छोटी कर देते हैं

Updated on 27 December, 2017, 21:15
एक बार किसी देश का राजा अपनी प्रजा का हाल-चाल पूछने के लिए गांवो में घूम रहा था। घूमते-घूमते उसके कुर्ते का बटन टूट गया। उसने अपने मंत्री को कहा कि, पता करो की इस गांव में कौन सा दर्जी हैं, जो मेरे बटन को लगा दे। मंत्री ने पता... आगे पढ़े

जिन्होंने संपूर्ण जीवन समाज व योग को किया समर्पित

Updated on 5 December, 2017, 7:00
भारत की धरती पवित्र आत्माओं की धरती है जिसकी मिट्टी ने अनगिनत संतों, महात्माओं व योगियों को जन्म दिया है। आज वे संत-महात्मा चाहे हमारे बीच नहीं रहे, परंतु उनकी शिक्षाएं एवं आचरण हमारे जीवन को सार्थक बना रहे हैं। ऐसे ही संत-योगी महापुरुष थे स्वामी राम प्यारा जी महाराज... आगे पढ़े

अपने भीतर कलादृष्टि विकसित करे कला पत्रकार

Updated on 12 November, 2017, 12:37
सप्रे संग्रहालय में लोक संवाद के तहत कला-पत्रकारिता पर कार्यशाला का आयोजन भोपाल। कला पत्रकारिता आसान काम नहीं है। कला-संस्कृति की रिपोर्टिंग से जुड़े लोगों के लिए जरूरी है कि वे अपने भीतर कलादृष्टि विकसित करें। आज कला गतिविधियों से जुड़े समाचारों को मीडिया में जगह तो बहुत मिल रही है... आगे पढ़े

आचार्य चाणक्य कहते हैं, जिसका काम उसी को साजे

Updated on 3 November, 2017, 10:12
आचार्य चाणक्य एक ऐसी महान विभूति थे, जिन्होंने अपनी विद्वत्ता, बुद्धिमता और क्षमता के बल पर भारतीय इतिहास की धारा को बदल दिया। मौर्य साम्राज्य के संस्थापक चाणक्य कुशल राजनीतिज्ञ, चतुर कूटनीतिज्ञ, प्रकांड अर्थशास्त्री के रूप में भी विश्वविख्‍यात हुए। इतनी सदियां गुजरने के बाद आज भी यदि चाणक्य के... आगे पढ़े

जीवन में आगे बढ़ना चाहते हैं तो समस्या को कभी न होने दें खुद पर हावी

Updated on 1 November, 2017, 9:00
अक्सर लोग उन्हें मिली नेमतों की तरफ नहीं देखते हैं, उनका ध्यान केवल समस्याओं की तरफ ही जाता है। अगर आप लोगों की जिंदगी में झांक कर देखेंगे तो आप इस बात से नहीं चौंकेंगे कि उन्हें किस बात से परेशानी है, पर आप इस बात से जरूर चकित रह... आगे पढ़े

जीवन की गुणवत्ता सुधारते हैं धर्म और आध्यात्म: भारतीय

Updated on 17 October, 2017, 7:30
टोरंटो: धार्मिक परंपराएं एवं आध्यात्म जीवन की गुणवत्ता में सुधार करने और मृत्यु दर एवं हृदय संबंधी रोग कम करने में मदद कर सकते हैं। यह बात यहां आयोजित एक सालाना सम्मेलन में एक भारतीय अध्ययन में कही गई। दिल्ली में राष्ट्रीय चिकित्सा विज्ञान अकादमी और मानव व्यवहार एवं संबद्ध विज्ञान... आगे पढ़े

ये अनमोल वचन आपको बना सकते हैं एक अच्छा इंसान

Updated on 12 October, 2017, 21:54
शांति की शुरूआत मुस्कुराहट के साथ होती है। जिसने प्रभु को अपना दिल दे दिया वह दुनिया से कभी उम्मीद नहीं करता। एक अच्छे इंसान का संकेत है कि वह हमेशा दूसरों की अच्छाई देखता है। जहां अभिमान होता है वहां अपमान की फीलिंग जरूर आती है। सहन करने से... आगे पढ़े

दूसरों की मदद करने से पहले ध्यान रखें ये बात, मिलेगा लाभ

Updated on 12 October, 2017, 6:45
एक नन्हा परिंदा अपने परिवार जनों से बिछुड़ कर अपने घौंसले से बहुत दूर आ गया था। उस नन्हे परिंदे को अभी उड़ान भरना अच्छे से नहीं आता था। उधर नन्हे परिंदे के परिवार वाले बहुत परेशान थे और उसके आने की राह देख रहे थे। इधर नन्हा परिंदा भी... आगे पढ़े

संतान को धन नहीं विरासत में अवश्य दें ये चीज, सात पुश्तें बैठे-बैठे खाएंगी

Updated on 9 October, 2017, 6:30
संत तिरुवल्लुवर से प्रवचन के बाद एक सेठ ने निराश होकर कहा, ‘‘गुरुदेव मैंने बड़ी मेहनत से पाई-पाई जोड़कर धन इकट्ठा किया ताकि मेरी सात पुश्तें बैठे-बैठे खा सकें। उस धन को मेरे इकलौते पुत्र ने बड़ी बेदर्दी से कुव्यसनों में बर्बाद करना शुरू कर दिया है। पता नहीं उसको... आगे पढ़े

खुशनुमा जीवन जीना चाहते हैं, ताे अपनाएं ये अादतें

Updated on 7 October, 2017, 8:00
भागदौड़ भरी इस जिंदगी में इंसान के पास खुद के लिए समय नहीं है। इसलिए तनाव सभी का साथी बन गया है। एेसे में उन्हें कुछ भी अच्छा नहीं लगता। लेकिन जरूरी है कि अाप अपनी जिंदगी काे एेसे ही जाया न करें और इसे खुशी से जीएं। आइए जानते... आगे पढ़े

महिला आरक्षण बिल की मांग कर सोनिया ने की कांग्रेस को संजीवनी देने की कोशिश

Updated on 26 September, 2017, 12:13
कृष्णमोहन झा 2014 में संपन्न हुए लोकसभा चुनावों में शर्मनाक पराजय झेलकर केन्द्र में सत्ता से बेदखल हो चुकी कांग्रेस पार्टी विपक्षी दल के रूप में मोदी सरकार को घेरने की लगातार कोशिश करती रही है और उसकी सबसे ताजी कोशिश कांग्रेसाध्यक्ष सोनिया गांधी द्वारा प्रधानमत्री नरेन्द्र मोदी को हाल में... आगे पढ़े

अगर आपको भी है ज्यादा बोलने की आदत तो...

Updated on 25 September, 2017, 8:00
कुछ लोगों को ज्यादा बात करने की आदत है लेकिन क्या आप जानते है ज्यादा बोलने की आदत आपके लिए नुकसानदायक हो सकती है। इक शोध के दौरान इस बात को सामने लाया गया है कि ज्यादा बोलने आपके कई काम भी बिगाड़ सकती है। हालांकि इस समस्या से छुटकारा... आगे पढ़े

अस्तीन में साँप पालें ही क्यों साँच कहै ता...

Updated on 22 September, 2017, 12:56
रोहिंग्या मुसलमानों का मसला कई दिनों से चित्त को मथे हुए है। टीवी चैनल्स में कल बंगाल के एक मौलवी देश को चीख चीख कर चैलेंज दे रहे थे कि हिम्मत हो तो कोई इन्हें यहां से निकाल कर दिखाए। सियासी दलों के नुमाइंदों की नोकझोंक भी कानों में घुसी।... आगे पढ़े

सकारात्मक सोच के जादू से जीवन बनेगा खुशहाल, आजमा कर देखें

Updated on 17 September, 2017, 7:30
एक आदमी समुद्र तट पर चल रहा था। उसने देखा कि कुछ दूरी पर एक युवक ने रेत पर झुक कर कुछ उठाया और आहिस्ता से उसे पानी में फैंक दिया। उसके नजदीक पहुंचने पर आदमी ने उससे पूछा, ‘‘और भाई, क्या कर रहे हो?’’ युवक ने जवाब दिया, ‘‘मैं इन... आगे पढ़े

भगवान बुद्ध के अनुसार चार प्रकार के मनुष्य होते हैं, आप किस श्रेणी में आते हैं

Updated on 16 September, 2017, 7:15
प्रवचन के उपरांत एक जिज्ञासु राजा ने भगवान बुद्ध से प्रश्र किया, ‘‘महाराज, आपने अभी-अभी कहा कि मनुष्य चार प्रकार के होते हैं। कृपया समझाइए।’’ भगवान बुद्ध ने उत्तर दिया, ‘‘मनुष्य चार प्रकार के होते हैं- एक तिमिर से तिमिर में जाने वाला, दूसरा तिमिर से ज्योति की ओर जाने वाला,... आगे पढ़े

अब चड्ढी पहन के फूल नहीं खिलते

Updated on 13 September, 2017, 12:18
........जंगल जंगल बात चली है पता चला है, अरे चड्ढी पहनके फूल खिला है,फूल खिला है।                               ..    महाकवि गुलजार हम लोग के जमाने का बचपन क्या मस्त था। न पीठ पर बस्ते का बोझा, न सबक का टेंशन, न ट्यूशन की भागमभाग। माँ-बाप सबकुछ भगवान और स्कूल के मास्साब पर छोड़़ देते... आगे पढ़े

कुछ इस तरह तय होता है किसी भी व्यक्ति का भविष्य

Updated on 12 September, 2017, 5:45
किसी गांव में 2 साधु रहते थे। वे दिन भर भीख मांगते और मंदिर में पूजा करते थे। एक दिन गांव में आंधी आ गई और बहुत जोरों की बारिश होने लगी। दोनों साधु गांव की सीमा से लगी एक झोंपड़ी में निवास करते थे। शाम को जब दोनों वापस... आगे पढ़े